अफगानिस्तान और जिम्बाब्वे की क्रिकेट टीम के बीच में 5 नवंबर से दो टेस्ट मैचों की सीरीज का पहला मुकाबला शारजाह क्रिकेट ग्राउंड पर खेला जा रहा है। जिम्बाब्वे की टीम के लिए यह दौरा अभी तक अच्छा नहीं रहा जिसको देखते हुए उनके लिए ये टेस्ट सीरीज काफी अहम है। वहीं पहले दिन का खेल खत्म होने के बाद जिम्बाब्वे की टीम ने अपनी पहली पारी में 5 विकेट नुकसान पर 326 रन बना लिए थे, जिसमें उनकी तरफ अनुभवी खिलाड़ी ब्रैंडन टेलर के बल्ले से शानदार शतकीय पारी देखने को मिली जिसके दम पर वह इतिहास रचने में कामयाब रहे। टेलर का यह शतक टेस्ट में 8 साल के लंबे इंतजार बाद आया है, ऐसे में उन्होंने उसको पूरी तरह से खास भी बना लिया।
जिम्बाब्वे के बने सबसे उम्रदराज टेस्ट में शतक लगाने वाले खिलाड़ी
ब्रैंडन टेलर ने मैदान पर उतरने के बाद एक छोर से पारी को संभाले रखा जिसमें उनके बल्ले से 168 गेंदों में 131 रनों की शानदार शतकीय पारी देखने को मिली, जिसमें टेलर ने 14 चौके और 4 छक्के भी लगाए। इस शतकीय पारी के दम पर अब ब्रैंडन टेलर जिम्बाब्वे के लिए टेस्ट क्रिकेट में सेंचुरी लगाने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन गए हैं। टेलर ने क्रेग इरविन का रिकॉर्ड तोड़ा है, जिन्होंने साल 2024 में बुलवायो के मैदान पर अफगानिस्तान के ही खिलाफ टेस्ट मुकाबले में 39 साल 129 दिन की उम्र में यह कारनामा किया था तो वहीं टेलर ने अब इरविन के इस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ने के साथ 40 साल 272 दिन की उम्र में शतक जड़ दिया है।
टेलर अब शतक लगाने के मामले में दूसरे नंबर पर पहुंचे
जिम्बाब्वे के लिए टेस्ट क्रिकेट में शतकीय पारी खेलने के मामले में ब्रैंडन टेलर अब दूसरे नंबर पर पहुंच गए हैं, जिसमें वह एंडी फ्लावर के 12 टेस्ट शतकों से पीछे हैं। अफगानिस्तान के खिलाफ आई शतकीय पारी ब्रैंडन टेलर के करियर का 7वां टेस्ट शतक था, जिसमें उन्होंने ग्रांट फ्लावर और सीन विलियम्स के 6-6 टेस्ट शतकों को पीछे छोड़ नंबर-2 की पोजीशन पर कब्जा कर लिया है। वहीं टेलर 21वीं सदी यानी साल 2000 के बाद से टेस्ट क्रिकेट में 40 साल या उससे अधिक उम्र के खिलाड़ी के रूप में टेस्ट में शतक लगाने वाले सिर्फ तीसरे खिलाड़ी हैं जिसमें उनके अलावा पाकिस्तान के मिस्बाह उल हक और वेस्टइंडीज के शिवनारायण चद्रपॉल ने यह कारनामा किया था।
ये भी पढ़ें
माइकल हसी की वापसी, एशेज और ODI World Cup के लिए मिला अहम काम
IND vs NZ दूसरे वनडे पर मंडराया बारिश का साया! क्या फिर डकवर्थ-लुईस तय करेगा मैच का नतीजा?